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रियर एडमिरल एल वी शरत बाबू , एनएम, भा.नौ (सेवानिवृत्‍त) 
अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक,

 

           मैं कंपनी की 64 वां वार्षिक आम बैठक में आप सभी को स्‍वागत करने और वित्‍तीय वर्ष 2015 16 के दौरान कंपनी का कार्य निष्‍पादन को व्‍यक्‍त करने में अपार प्रसन्‍नता का अनुभव करता हूं। हिशिलि के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्‍चात सभी शेयरधारकों को सम्‍बोधन करने का यह मेरा पहला अवसर है और हिशिलि कई चुनौतीपूर्ण वर्षों से पार करने के पश्‍चात हमारी उत्‍पादकता में महत्‍वपूर्ण वृद्धि हुई है तथा हम परिवर्तन की दिशा में योगदान किया है।
31 मार्च 2016 को समाप्‍त वर्ष की कंपनी के वित्‍तीय लेखें और मंडल का प्रतिवेदन, लेखा परीक्षक की रिपोर्ट तथा सी एवं एजी के शून्‍य टिप्‍पणियों को सभी संबंधितों को परिचालित कर दिया गया है। मैं कंपनी का कार्य निष्‍पादन के विविघ अवस्थितियों को प्रगति, आधुनिकीकरण, संभाव्‍य अवसर और कर्मचारी कल्‍याण संबंधी अन्‍य मुद्दों को प्रस्‍तुत करने के पूर्व वैश्विक पोत निर्माण उद्योग परिदृश्‍य का संक्षिप्‍त रूप से उल्‍लेख करता हूं, जिससे हमारी कंपनी पर वैश्विक प्रभाव पड़ा है।

पोतनिर्माण परिदृश्‍य

           पोत निर्माण उद्योग मुख्‍यतया एशिया देशों जैसे साउथ कोरिया, चीन और जापान द्वारा प्रभावित हुई है। ये परम्‍परागत बृहत पोत निर्माता अपने क्षेत्रों की विविध विश्‍व ग्राहकों के लिए अपनी ऑफशोर क्षमताओं में वृद्धि कर रही है और लागत प्रभावी एवं सुनम्‍य टर्न की साधनों को प्रदान करते हैं। पोत निर्माण मार्केट में अग्रणी उद्योग द्वारा की गई विश्‍लेषणके अनुसार समुद्री व्‍यापार, वाणिज्‍यक पोत मार्केट में वृद्धि की है और अन्‍य पोत निर्माताओं के बीच विश्‍व अर्थशास्त्रियों के जीडीपी वृद्धि की है तथा अब पोत निर्माण उद्योग के लिए वृद्धिदाता के रूप में कार्य कर रही है। पोत निर्माण उद्योग अपनी उत्‍पादकता, आधुनिकीकरण, कुशल और प्रतियोगित्‍मक क्षमताओं के साथ अत्‍यधिक प्रतियोगितात्‍मक पर्यावरण में मुख्‍य संचालक के रूप में कार्य करती है। रक्षा आदेशों पर निर्भर रहने के लिए भारतीय शिपयार्ड पोत निर्माण व्‍यवसाय संबंधी परिवर्तक मार्गों एवं प्रतियोगितात्‍मक योजनाओं को अपनाने की आवश्‍यकता है। भारत में पोत निर्माण उद्योग को अपनी आधारभूत सुविधाओं की प्रतिष्‍ठाओं के अनुसार भारत सरकार से बढ़ावा मिली है। मेक इन इंडिया कार्यक्रम के क्रम में वर्तमान सरकार भारतीय शिपयार्डों को वैश्विक प्रतिस्‍पर्धा के रूप में रहने के लिए सहायता करेगी। अब मैं समीक्षाधीन वर्ष के दौरान हमारी कंपनी के कार्यनिष्‍पादन और अन्‍य पहलुओं को उल्‍लेख करना चाहता हूं।

कंपनी का कार्य निष्‍पादन

           वास्‍तव में मेरा सौभाग्‍य है कि, हमारी कंपनी ने पिछले वित्‍तीय वर्ष के दौरान, तुलनात्‍मक के तौर पर बहुत अच्‍छा निष्‍पादन किया। वर्ष 2015-16 के दौरान, हमारी कंपनी ने 648.56 करोड़ रुपये का कुल आय अर्जित किया है और 593.29 करोड़ रुपये का उत्‍पादन मूल्‍य अर्जित किया। कंपनी की प्रारंभिक से, कुल आय द्वितीय उत्‍कृष्‍ट और उत्‍पादन मूल्‍य तृतीय उत्‍कृष्‍ट रहा है। कंपनी ने कई चुनौतीपूर्व वर्षों के पश्‍चात, भारत सरकार से बिना कोई वित्‍तीय अनुदान से 19 करोड़ रुपये का, कर के पश्‍चात लाभ अर्जित किया। आगे, वित्‍तीय वर्ष 2015-16 के पिछले तिमाही के दौरान, उत्‍पादन मूल्‍य, पिछले तिमाहियों की तुलना में दुगना से अधिक हुआ है, उत्‍पादकता और उत्‍पादकता संबंधित लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए, कई प्रयास किए गए। प्रचलनात्‍मक अर्थात् उत्‍पादन मूल्‍य सी जी टी प्रति श्रम घंटे प्रति कर्मचारी का वी ओ पी पुनरीक्षण के अधीन वर्ष के दौरान वी ओ पी की प्रतिशतता के तौर पर लागत सार्थक तौर पर उन्‍नति हुई है। कंपनी का संचित हानि और ऋणात्‍मक निवल लाभ 1306.37 करोड़ रुपये और 1004 करोड़ रुपये क्रमानुसार घटा है। तथापि मेरे लिए यह बडी महत्‍व की बात है कि इस निष्‍पादन की उन्‍नति से भाग लेने के लिए हमारी कंपनी लाभ अर्जित करने की शुरुआत की है और आने वाले वर्षों में ऋणात्‍मक निवल लाभ से पार करके सकारात्‍म्‍क रूप से आगे बढ़ेगा।

पोत निर्माण एवं पोत मरम्‍मत परियोजनाओं का निष्‍पादन

            यह अत्‍यन्‍त संतोषजनक है कि मैं वित्‍तीय वर्ष 2015-16 के दौरान कुछ मुख्‍य उत्‍पादकता से संबंधित उपलब्धियों को उल्‍लेख करना चाहता हूं।

(क) वर्ष के दौरान, कंपनी ने तीन पोतों की सुपुर्दगी की है अर्थात् भारतीय तट रक्षक के लिए एक इनशोर गस्‍ती पोत और भारतीय नौसेना के लिए दो 25 टन बोलार्ड पुल टग। यह दो टग कील बिछाने की तारीख से 11 महीने की अवधि में निर्माण किए जो समयानुसार प्रशंसनीय है।

(ख) भारतीय नौसेना के लिए अंतिम 25 टन बीपी टग का कील दिनांक 11 अप्रैल 2015 को बिछाया गया और 23 अप्रैल 2016 को दो 50 टन बोलार्ड पुल टग सहित कांडला पत्‍तन न्‍यास के लिए फ्लोट आउट किया गया।

(ग) वी सी 11184 पोत को दिनांक 25 अप्रैल 2016 को प्रभावशाली समारोह के रुप में फ्लोट आउट किया गया। यह पहली बार है कि यार्ड से चार पोतों को एक ही समय में फ्लोट आउट सफलतापूर्वक किया गया। निर्माण डॉक में उसी समय यार्ड द्वारा मुख्‍य उपलब्धि प्राप्‍त किया है।

(घ) आई एन एस सिन्‍धुकीर्ति, सिन्‍धुघोष (ईकेएम) श्रेणी पनडुब्‍बी का मध्‍यम मरम्‍मत एवं आधुनिकीकरण सफलतापूर्वक पूरा किया गया और दिनांक 26 जून 2015 को नौसेना को सुपुर्द किया गया। इस सफलता पर पूर्वी नौसेना कमान एवं नौसेना मुख्‍यालय दोनों से पुरस्‍कार प्राप्‍त हुए।

(ड़) वर्ष 2015-16 के दौरान विभिन्‍न प्रकार के नौ पोतों का मरम्‍मत किया गया। आई एन एस मगर और आई एन एस केसरी का मुख्‍य रीफिट परियोजना का कार्य प्रगति पर है।

वित्‍तीय स्थिति

        कंपनी की वित्‍तीय स्थिति निरन्‍तर चुनौती का कारण रहा है। सकारात्‍मक दृष्टि से यार्ड के एफएसएस और एसओवी परियोजना के लिए पीएसआर प्राप्‍त हुए। इसके अलावा, यार्ड में आईएनएस सिन्‍धुवीर का सामान्‍य रीफिट के लिए विचार किया जा रहा है। यह सब आदेश, आरंभिक स्‍तर पर है और संबंधित ठेकों का निर्णय लिया जाना है।

आदेश बुक स्थिति

          आज की तारीख पर, पोत निर्माण के लिए शेष आदेश बुक मूल्‍य 1186.65 करोड़ रुपये है जबकि वास्‍तविक शेष आदेश मूल्‍य 569.76 करोड़रुपये निष्‍पादित किया जाता है। सभी शेष पोत निर्माण आदेशों को वर्ष 2017 के मध्‍य तक पूरा करने के लिए भारी दबाव किया गया। आगे, व्‍यापार विकास विभाग उद्यमशील व्‍यापार पहुलाओं का विकास करने के लिए पर्याप्‍त रूप से प्रयास किया गया है।

समझौता ज्ञापन ग्रेडिंग

           वर्ष के लिए कंपनी का निष्‍पादन स्‍वत: मूल्‍यांकन पर, रक्षा मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर करने के शर्तों पर अच्‍छा रहा है। समझौता ज्ञापन का ग्रेडिंग वर्ष 2014-15 में उत्‍तम से 2015-16 में अच्‍छा के स्‍थान पर आ गई है। ग्रेडिंग में कमी होने का मुख्‍य कारण कंपनी क निष्‍पादन में वास्‍तविक उन्‍नति के बावजूद आदेश बुक स्थिति बहुत महत्‍वाकांक्षी एमओयू पैरामीटर, जोडे बिना इसका सामना करने, पहले उल्लिखितानुसार, कंपनी कई चुनौती वर्षों के पश्‍चात वर्ष 2015-16 में लाभ अर्जन किया और इस कंपनी की आरंभ की तारीख से, द्वितीय उच्‍च आय अर्जित किया है।


निगमित शासन

            कंपनी अपनी व्‍यवसाय कार्यकलापों के सभी क्षेत्रों में उच्‍च्‍ मानकों के नीतिशास्‍त्र को अपनाने तथा कायम रखने के लिए निरन्‍तर प्रयासरत है और कंपनी का यह मानना है कि निगमित शासन पर दर्शन, ईमानदारी, सत्‍यनिष्‍ठा, उत्‍तरदायित्‍व पर्याप्‍त प्रकटीकरण और विधि सांविधिक अनुपालन के सिद्धांतों पर आधारित है ताकि सभी शेयर धारकों के हित की रक्षा, उन्‍नयन एवं सुरक्षा की जा सके। यह निर्णय करने में अधिक से अधिक पारदर्शिता लाने का प्रयास करती है और हित के विवाद को दूर रखती है। यह अपनाए गए नए मूल्‍यों तथा उद्देश्‍यों के पालन को महत्‍व देती है तथा जि़म्‍मेदार निगमित नागरिक के रूप में, सामाजिक जि़म्‍मेदारी को निभाना है। कंपनी लोक उद्यम विभाग, भारत सरकार द्वारा सीपीएसई 2010 के लिए निगमित शासन पर जारी मार्गनिर्देश का अनुपालन निरन्‍तर रूप से कर रहा है। वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में उल्लिखित मार्गनिर्देश के शर्तों के अनुसार, कंपनी का उत्‍कृष्‍ट ग्रेडिंग प्राप्‍त करने की उम्‍मीद करती है।

यार्ड आधुनिकीकरण

            पिछले वर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, एलपीडी परियोजना के अधीन भारत सरकार से वित्‍तीय सहायता सहित रिफरबिशमेंट और मशीनरी एवं सुविधाओं का पुन:स्‍थापना एवं संरचना कार्य प्रगति पर है। 31 मार्च 2016 के अनुसार 111.22 करोड़ मूल्‍य के आदेश दिए गए जिसमें से 90.41 करोड़ रुपये मूल्‍य के आदेश कार्य पूरा किया गया । 159.84 करोड़ रुपये मूल्‍य के टेंडर्स प्रगति पर है। हुद हुद के कारण यार्ड और आवासीय कॉलनी में हुई क्षति को पुन:स्‍थापन करने के लिए सरकार से निधि की अपेक्षा करती है। दिनांक 18 एवं 19 मई 2015 को रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित टीम यार्ड में हुई हानि का निर्धारण करने हेतु यार्ड का दौरा किया। टीम ने हि.शि.लि. को सहायता अनुदान के रूप में 214.48 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति दी है। रक्षा मंत्रालयों के निधियों की स्‍वीकृति की प्रत्‍याशा में आरएमआई से निधियों का आबंटन करते हुए अत्‍यावश्‍यक मरम्‍मत एवं पुन:स्‍थापन कार्यों को किया गया।

भविष्‍य व्‍यापार विवरण

            भारत में 7500 कि.मि. से अधिक लम्‍बी कोस्‍ट लाइन तीनों ओर फैला हुआ है। भारतीय महासागर में भारत का भूगोल स्थिति, नौसेना फ्लीट की बढती हुई मांगों के लिए सुसंगत है। तदनुसार, भारतीय नौसेना एवं तट रक्षक दोनों को अपने फ्लीटों का विस्‍तार करने की आवश्‍यकता है। नौसेना एंव तट रक्षक के निर्माण के लिए, आदेशों को प्राप्‍त करने का अवसर हेतु हिशिलि आगे है। यहां उल्‍लेख करना चाहता हूं कि यार्ड को 05 फ्लीट सपोर्ट पोतों, 02 विशेष प्रचालन पोतों और 02 लैंडिंग प्‍लैटफार्म डॉकों के लिए, पहले ही नामित किया गया है। यह आदेश प्रारंभिक स्‍तर पर है और एफएसएस एवं एसओवी आदेशों के लिए प्रारंभिक स्‍टाफ भर्ती की आवश्‍यकता (पीएसआर) प्राप्‍त हुआ है। इन आदेशों के ठेकों के लिए अंतिम निर्णय लिया जाना है। इसके अलावा, यार्ड को आई एन एस सिन्‍धुवीर की सामान्‍य रीफिट के लिए नामित किया है। आगामी वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये की वर्तमान आदेश बुक से आगामी आदेशों में उन्‍नति होगी।

कुशल विकास

           कुशल विकास के क्षेत्र में ट्रेड का प्रशिक्षणार्थ्‍ी, डिप्‍लोमा एवं डिग्री अप्रैंटिसिस के साथ-साथ वोकेशनल प्रशिक्षणार्थी है। वर्ष 2015-16 के दौरान, 47 आई टी आई अप्रैंटिस प्रशिक्षणार्थी, 68 इंजीनियरिंग ग्रैडयुएट और 16 डिप्‍लोमा प्रशिक्षणार्थियों को उनके क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया। विभिन्‍न इंजीनियरिंग कॉलेजों, प्रबंधन संस्‍थानों एवं मैराइन संस्‍थानों के 1080 छात्रों को प्रोजेक्‍ट वर्क करने की सुविधा प्रदान की गई।

निगमित सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व

            डीपीई मार्गनिदेशों के अनुसार और कम्‍पनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत पूर्ववर्ती तीन वित्‍तीय वर्षों के लिए औसतन निवल लाभ का ध्‍यान में रखते हुए, चालू वर्ष आपकी कम्‍पनी लाभ अर्जित करने पर भी, सीएसआर के लिए समर्पित निधियों का आंबटन से छूट दी गई है । हमारे चालू वित्‍तीय स्थितिको ध्‍यान में रखते हुए, कम्‍पनी ने सीमित वित्‍तीय वचनबद्धता के साथ स्‍थानीय समुदाय एवं समाज के उन्‍नयन के लिए कुछ सीएसआर कार्यकलापों की पहचान की है । इस संबंध में वर्ष 2015-16 के दौरान, विविध सीएसआर संबंधी कार्यकलापों अर्थात् अंतर्राष्‍ट्रीय तटीय सफाई दिवस, 02 अक्‍तूबर 2015 को स्‍वच्‍छ भारत दिवस, 20 दिसम्‍बर 2015 को मुफत चिकित्‍सा शिविर, 05 मार्च 2016 को रक्‍त दान शिविर के लिए 3.02 लाख रुपये की राशि खर्च की गई। इनके अतिरिक्‍त, आस-पास के परिसर के छात्रों को सुविधा प्रदान करने के क्रम में, हिशिलि के कॉलोनी में संचालित छ: शैक्षणिक संस्‍थानों के लिए मुफत बिजली और पानी की व्‍यवस्‍था की गई है ।

स्‍वच्‍छ भारत अभियान

             माननीय प्रधान मंत्री द्वारा स्‍वच्‍छ भारत अभियान का आरंभ के अनुपालन में यार्ड और कॉलनी में सफाई और स्‍वच्‍छता की प्रगति के लिए कई पहलुओं को हाथ में लिया है। इन पहलुओं द्वारा यार्ड के चारों ओर कर्मचारियों और समुदाय को इस ओर प्रेरित करने के लिए 19 सितम्‍बर, 2016, 02 अक्‍तूबर 2016 और 23 जनवरी 2016 को यार्ड में सफाई अभियान कार्य किया गया। इन अभियानों के दौरान, यार्ड के कर्मचारियों ने श्रमदान किया। इन पहलुओं से हमारा यार्ड साफ-सुथरा, हरियाली और स्‍वच्‍छ नज़र आ रहा है।

स्‍वदेशीकरण एवं मेक-इन-इंडिया अभियान

           भारत सरकार द्वारा मेक-इन-इंडिया नीति को आरंभ करने के पश्‍चात् स्‍वदेशीकरण से अत्‍यावश्‍यक प्ररेणा मिली। इसके साथ पोत निर्माण एवं पोत मरम्‍मत के लिए हिशिलि ने स्‍वदेशीकरण को सफल करने के लिए विभिन्‍न पहलुओं को किया है। भारतीय वेंडारों को बढावा देने के लिए मेक-इन-इंडिया कक्ष गठित किया है।

औद्योगिक संबंध

          कंपनी अपने कार्य दल के साथ औद्योगिक संबंध सदभावपूर्ण रखती है। शिपयार्ड की पंजीकृत एवं सहायक ट्रेड यूनियन कंपनी की प्रगति की ओर, उनके योगदान में प्रलक्षित है। अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पारस्‍परिक संभाषण कर्मचारियों के साथ समय समय पर होती है, ताकि कंपनी में चल रहे कार्यों की जानकारी कर्मचारियों को रहे और सम्‍्प्रेषण माध्‍यम में अन्‍तर न आवें।
मनोबल, प्ररेणा एवं कल्‍याणकारी उपाय

(क) कर्मचारियों के हौसले का बढाने के लिए, जनवरी 2016 में शिपयार्ड गीत अपनाया गया। इस गीत को हिशिलि के कर्मचारियों द्वारा लिखा गया और उनके द्वारा कम्‍पोज़ किया गया।

(ख) हिशिलि मोटो “न्‍यूनतम लागत अधिकतम उत्‍पादन“ अपनाया गया और उसे मुख्‍य द्वार के पीछे की ओर लिखा गया ताकि कर्मचारियों को उत्‍पादकता की ओर ध्‍यान दिलाया जा सके। ‍

(ग) शिपयार्ड के 75वीं जयंती के अवसर पर, निर्माण स्‍मारक का उद्घाटन किया गया, जिससे शिपयार्ड के कर्मचारियों में गर्व उत्‍पन्‍न हो और पूर्व पोत निर्मातओं को भी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।

(घ) दिनांक 21 जून 2016 को तीन रंगों की हिशिलि झंडा अपनाया गया ताकि शिपयार्ड कर्मचारियों के बीच, एक पहचान और देशभक्‍त की आशय हो।

(ड़) हिशिलि के आवासीय कॉलोनी में नवीकृत फैमली पार्क का उद्धघाटन किया गया ताकि निवासियों और उनके परिवारों के लिए, हरित पर्यावरण का लाभ उठा सके।

(च) अप्रैल,2016 में हिशिलि के आवासीय कॉलनी में ओपन ऑडिटोरियम “ललिता कलामंदिर” का विस्‍तृत मरम्‍मतों और रीफरबशिमेंट के पश्‍चात फिर से आरंभ किया गया ताकि कर्मचारियों के बीच कला प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्‍साहन मिले और मनोरंजन के लिए, स्‍थान भी प्रदान किया जा सके।

(छ) हिशिलि के कॉलोनी में पाइलट परियोजना के अंतर्गत, सात क्‍वाटर्स का नवीकरण किया गया। शेष क्‍वाटर्स का नवीकरण चरण बद्ध पद्धति में किया जा रहा है।

(ज) आवासीय कॉलोंनी के अंदर अगस्‍त 2016 को शुद्ध पेय जल प्रदान करने के क्रम में 3 टन रिवर्स ओसमोसिस प्‍लांट लगाया गया।

(झ) हिशिलि के कॉलोनी में मिनि ओपन जिमनासियम और खेल-कूद प्रांगण के साथ, वाकर्स पार्क, कॉलोनी के वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए स्‍थापित किया गया।

(ज्ञ) कॉलोनी निवासियों के हित के लिए वर्तमान शॉपिंग काम्‍प्‍लेक्‍स का नवीकरण किया गया और उसे अगस्‍त, 2016 को उद्घघाटन किया गया।


आभार ज्ञापन

            मैं, भारत सरकार के विभिन्‍न मंत्रालयों विशेष रूप से रक्षा मंत्रालय, रक्षा उत्‍पादन विभाग, एकीकृत मुख्‍यालय (नौसेना) रक्षा मंत्रालय, भारतीय तट रक्षक, भारत के नियंत्रक एवं महा लेखापरीक्षक, रक्षा लेखा के नियंत्रक (नौसेना), आंध्र प्रदेश सरकार, फ्लैग अफसर, पूर्वी नौसेना कमान सभी को उनकी सहायता, सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए धन्‍यवाद एवं सराहना करना चाहता हूं। मैं, वर्गीकरण प्राधिकारों, कंपनी बैंकर्स एवं लेखा परीक्षकों उनकी सहायता और सहयोग के लिए धन्‍यवाद प्रकट करता हूं। मैं, बोर्ड के सभी सहयोगियों को उनके सामंजस्‍यपूर्ण सहायता और भरपूर प्रोत्‍साहन के लिए धन्‍यवाद प्रकट करता हूं। हिशिलि के पूरी टीम को एकजुट होकर प्रयास करने के लिए विशेष रूप से धन्‍यवाद देता हूं, जो कंपनी के लिए लाभदायक बनाने के लिए आप लोगों ने बिना थके कार्य किया है।

धन्‍यवाद,